
देहरादून में कुंभ मेला 2027 की तैयारी को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की गई। बैठक में तैयारियों की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताते हुए अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से सभी कार्य पूरे करने से सख्त निर्देश दिए गए। सरकार इस बार कुंभ मेले को व्यवस्थित, सुरक्षित और भव्य बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां कर रही है ।
शासनादेश में देरी पर सख्ती
मुख्य सचिव कार्यों से जुड़े शासनादेश जारी करने में हो रही देरी पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी लंबित आपत्तियों का निस्तारण कर तीन दिनों के भीतर जिओ जारी किए जाए, ताकि विकाश कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया जल्द शुरू करने के निर्देश
कुंभ मेला क्षेत्र के विस्तार और व्यवस्थाओं को देखते हुए भूमि अधिग्रहण और आवंटन प्रक्रिया को जल्द शुरू करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि, इस प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की ढ़िलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
यातायात प्लान को अंतिम रूप देने पर जोर
मेले के दौरान भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए यातायात व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ बैठक कर जल्द ट्रैफिक प्लान फाइनल करने के निर्देश दिया गए।
सड़क ओर रेलवे कनेक्टिविटी पर विशेष ध्यान
हरिद्वार में होने वाले कुंभ के देखते हुए सड़क और रेलवे कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया गया। यात्रियों की सुविधा के लिए सुगम और सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
पार्किंग और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार
कुंभ क्षेत्र में पार्किंग व्यवस्था बढ़ाने और मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए। पानी, बिजली, शौचालय और आवास जैसी सुविधाओं को बेहतर बनाने पर जोर दिया गया है।
स्वच्छता के लिए विशेष योजना
मुख्य सचिव ने कुंभ मेले के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के लिए डेडीकेटेड सैनिटेशन प्लान तैयार करने की निर्देश दिए साफ-सफाई और कचरा प्रबंधन को प्राथमिकता देने की बात कही गई।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
कुंभ मेले के दौरान उत्तराखंड की समृद्धि लोक संस्कृति को प्रदर्शित करने के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे जिससे श्रद्धालुओं को धार्मिक के साथ-साथ सांस्कृतिक अनुभव में मिल सके।
श्रद्धालुओं के लिए सूचना केंद्र बढ़ेंगे
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सूचना केंद्र की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए, ताकि आगंतुकों को जरूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।
सरकार का उद्देश्य है की कुंभ मेला 2027 को बेहतर प्रबंधन, आधुनिक सुविधाओं और सुरक्षित वातावरण के साथ आयोजित किया जाए, जिसे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार का असुविधा न हो।



